✍️ वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1 (अ) सही विकल्प चुनकर लिखिए— (1×5 = 5)
-
पौधों में चेतना की खोज करने वाले वैज्ञानिक—
👉 (ख) जगदीश चन्द्र बोस -
‘अकेली’ पाठ की विधा है—
👉 (घ) कहानी -
‘कोयल’ का पर्यायवाची शब्द है—
👉 (ग) कोकिल -
‘याद आते हैं गांधी’ के रचनाकार हैं—
👉 (ख) पवन दीवान -
नवरात्रि पर्व पर गाया जाता है—
👉 (क) जसगीत
✍️ प्रश्न 1 (ब) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— (1×5 = 5)
- तो-तो चान पुस्तक मूलतः जापानी भाषा में लिखी गई है।
- ‘मोर गजल के उड़त परेवा’ छत्तीसगढ़ी गजल संग्रह है।
- संथाली भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री निर्मला पुतुल है।
- यादव जाति द्वारा भाई दूज के दिन मनाया जाने वाला पर्व मतराही है।
- साखी दोहा छंद में लिखी गई है।
✍️ प्रश्न 1 (स) उचित संबंध जोड़िए— (1×5 = 5)
- गोपाल दास ‘नीरज’ → (ङ) बादर वरस गयो
- यशपाल → (घ) झूठा सच
- नील कमल → (क) तत्पुरुष
- मुंशी प्रेमचंद → (ख) गुल्ली डण्डा
- अनुस्वार → (ग) नासिक्य व्यंजन
✍️ लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 2. सोमा बुआ अपने पति की प्रतीक्षा क्यों नहीं करती थीं? (2)
उत्तर—
सोमा बुआ अपने पति की प्रतीक्षा इसलिए नहीं करती थीं क्योंकि उनके पति उन्हें छोड़कर कहीं और चले गए थे और वापस आने की आशा नहीं थी। इसलिए उन्होंने इंतजार करना छोड़ दिया था।
प्रश्न 3. ‘थलपला’ व ‘भोभरा’ में क्या अंतर है? (2)
उत्तर—
- थलपला का अर्थ है हल्की गर्मी या गर्माहट।
- भोभरा का अर्थ है अत्यधिक गर्मी या धरती का तपना।
प्रश्न 5. शिशुओं के दूध की पारदर्शी बोतल किस प्लास्टिक से बनाई जाती है? (2)
उत्तर—
शिशुओं के दूध की पारदर्शी बोतल पॉलीकार्बोनेट (Polycarbonate) प्लास्टिक से बनाई जाती है।
प्रश्न 8. खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना किस तरह हुई? (3)
उत्तर—
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना राजा और रानी द्वारा अपने पुत्र की स्मृति में दान दिए गए महल से हुई। इसे बाद में संगीत विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया गया।
प्रश्न 13. प्रत्यय लगाकर दो-दो शब्द बनाइए— (3)
(i) मान → सम्मान, अपमान
(ii) आवट → बनावट, सजावट
(iii) इया → लडइया, पढ़इया
✍️ प्रश्न 14 (पद्यांश व्याख्या)
(पहला पद्यांश)
पद्यांश:
विहग बंदी और चारण,
गा रहे हैं कीर्ति-गायन,
छोड़कर मैदान भागी, तारकों की फौज सारी।
आ रही रवि की सवारी।
संदर्भ:
यह पंक्तियाँ “आ रही रवि की सवारी” कविता से ली गई हैं।
प्रसंग:
कवि यहाँ सुबह के सुंदर दृश्य का वर्णन करता है, जब सूर्य उदय होने वाला होता है।
व्याख्या:
कवि कहता है कि पक्षी (विहग) बंदी और चारण की तरह सूर्य के आने की प्रशंसा में गीत गा रहे हैं। जैसे ही सूर्य के आने का समय होता है, आकाश के तारे (तारकों की फौज) मैदान छोड़कर भाग जाते हैं। इसका अर्थ है कि सूर्योदय होते ही तारे दिखाई नहीं देते।
विशेष:
- इसमें प्रकृति का सुंदर चित्रण किया गया है।
- रूपक और मानवीकरण अलंकार का प्रयोग हुआ है।
(दूसरा पद्यांश)
पद्यांश:
चाहता, उछलूँ विजय कह
पर ठिठकता देखकर यह
रात का राजा खड़ा है, राह में बनकर भिखारी।
आ रही रवि की सवारी।।
संदर्भ:
यह पंक्तियाँ “आ रही रवि की सवारी” कविता से ली गई हैं।
प्रसंग:
कवि यहाँ सूर्योदय के समय चन्द्रमा की स्थिति का वर्णन करता है।
व्याख्या:
कवि कहता है कि वह खुशी से उछलना चाहता है, लेकिन ठिठक जाता है क्योंकि वह देखता है कि “रात का राजा” अर्थात चन्द्रमा भिखारी के समान खड़ा है। सूर्योदय के समय चन्द्रमा का प्रकाश फीका पड़ जाता है और वह कमजोर दिखाई देता है।
विशेष:
- चन्द्रमा को “भिखारी” कहकर मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है।
- इसमें प्रकृति का भावपूर्ण चित्रण किया गया है।
✍️ प्रश्न 15. मुहावरे (4 अंक)
(i) हाथ-पैर जवाब देना
👉 अर्थ: शक्ति खत्म हो जाना
👉 वाक्य: अधिक दौड़ने से उसके हाथ-पैर जवाब दे गए।
(ii) गाल बजाना
👉 अर्थ: बेकार की बातें करना
👉 वाक्य: वह काम कम और गाल ज्यादा बजाता है।
(iii) नाकों चने चबाना
👉 अर्थ: बहुत परेशान करना
👉 वाक्य: शिक्षक ने शरारती छात्रों को नाकों चने चबवा दिए।
(iv) ठेस लगना
👉 अर्थ: मन को दुख पहुँचना
👉 वाक्य: उसकी बातों से मुझे बहुत ठेस लगी।
✍️ प्रश्न 16
प्रश्न— शादी-व्याह में अधिक खर्च करना कहाँ तक उचित है? (4)
उत्तर—
शादी-व्याह जैसे सामाजिक समारोह में अपनी हैसियत से अधिक खर्च करना उचित नहीं है।
- इससे व्यक्ति आर्थिक बोझ में दब जाता है।
- कर्ज लेना पड़ता है, जिससे भविष्य प्रभावित होता है।
- यह दिखावे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है।
- सादगी और समझदारी से खर्च करना बेहतर है।
निष्कर्ष:
हमें अपनी आय के अनुसार ही खर्च करना चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए।
अथवा
प्रश्न— क्या लड़के और लड़कियों की शिक्षा अलग-अलग होनी चाहिए? (4)
उत्तर—
नहीं, लड़के और लड़कियों की शिक्षा अलग-अलग नहीं होनी चाहिए।
- दोनों को समान शिक्षा का अधिकार है।
- समान शिक्षा से समान अवसर मिलते हैं।
- समाज में समानता और विकास बढ़ता है।
- भेदभाव खत्म होता है।
निष्कर्ष:
शिक्षा सभी के लिए समान होनी चाहिए।
✍️ प्रश्न 17 (अपठित गद्यांश)
गद्यांश—
मानव जीवन में समय का महत्वपूर्ण स्थान है। इस संसार में समय से बढ़कर कोई वस्तु नहीं है। गया हुआ समय कभी वापस नहीं आता, इसलिए हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए। जो व्यक्ति समय का मूल्य समझते हैं, वे जीवन में आगे बढ़ते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं।
जो लोग समय को नष्ट करते हैं, वे पीछे रह जाते हैं। समय में इतनी शक्ति है कि वह किसी भी व्यक्ति के जीवन को बदल सकता है। वास्तव में समय ही संसार को परिवर्तित करने की दिव्य शक्ति है।
प्रश्नों के उत्तर—
(i) गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
👉 समय का महत्व
(ii) ‘गया वक्त हाथ नहीं आता’ कहावत का अर्थ और वाक्य—
👉 अर्थ: बीता हुआ समय वापस नहीं आता
👉 वाक्य: हमें समय का सही उपयोग करना चाहिए, क्योंकि गया वक्त हाथ नहीं आता।
(iii) समय में कैसी शक्ति है?
👉 समय में जीवन को बदलने की शक्ति है।
(iv) पीछे कौन-से लोग रह जाते हैं?
👉 जो लोग समय का मूल्य नहीं समझते, वे पीछे रह जाते हैं।
(v) संसार को परिवर्तित करने की दिव्य शक्ति किसमें है?
👉 समय में।
✍️ प्रश्न 18 (पत्र लेखन)
(1) नगर-निगम को आवेदन पत्र
सेवा में,
नगर-निगम अधिकारी महोदय,
रायपुर (छ.ग.)
विषय: नालियों की सफाई एवं कीटनाशक छिड़काव हेतु आवेदन।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में नालियाँ गंदी और जाम हो गई हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अतः आपसे निवेदन है कि शीघ्र ही नालियों की सफाई कराकर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय
नाम: ________
पता: ________
दिनांक: ________
अथवा
(2) पिता जी को पत्र (₹300 मँगवाने हेतु)
पता:
टिकरापारा, रायपुर (छ.ग.)
दिनांक: 22 मार्च 2026
आदरणीय पिताजी,
सादर प्रणाम। आशा है आप स्वस्थ होंगे। मैं यहाँ कुशल हूँ।
पिताजी, मेरी वार्षिक परीक्षा निकट आ गई है और मैं पूरी मेहनत से तैयारी कर रहा हूँ। मुझे कुछ आवश्यक पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मुझे 300 रुपये भेजने की कृपा करें, ताकि मैं अपनी तैयारी अच्छे से कर सकूँ।
आपका आज्ञाकारी पुत्र
उज्ज्वल