इस पोस्ट में CG Board Class 11 Hindi के महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं। ये सभी प्रश्न परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं। यहां आपको अजंता की दीवारों की चित्रकला, दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल, पाथेर पांचाली फिल्म, घर की याद कविता तथा अन्य महत्वपूर्ण अध्यायों से जुड़े प्रश्न मिलेंगे। यह सामग्री छत्तीसगढ़ बोर्ड कक्षा 11 के छात्रों के लिए परीक्षा की बेहतर तैयारी में सहायक होगी।
1. अजंता की दीवारों पर बने चित्रों को किन के द्वारा बनाया गया है?
उत्तर:
अजंता की गुफाओं की दीवारों पर बने सुंदर चित्र प्राचीन भारतीय चित्रकारों और बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा बनाए गए थे। इन चित्रों में भगवान बुद्ध के जीवन, जातक कथाओं तथा उस समय के समाज और संस्कृति को दर्शाया गया है। ये चित्र प्राकृतिक रंगों से बनाए गए हैं और भारतीय चित्रकला के उत्कृष्ट उदाहरण माने जाते हैं।
2. ‘आलो अंधारी’ पाठ की लेखिका का क्या नाम है?
उत्तर:
‘आलो अंधारी’ पाठ की लेखिका का नाम महादेवी वर्मा है।
महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका थीं। वे छायावाद युग की प्रमुख साहित्यकार मानी जाती हैं।
3. खीप किसे कहते हैं?
उत्तर:
रेगिस्तान में उगने वाली एक प्रकार की घास या झाड़ी को खीप कहा जाता है। यह कठोर परिस्थितियों में भी उग जाती है और ऊँट आदि पशुओं के लिए चारे के रूप में उपयोगी होती है।
4. भैरवी घाट के राग की क्या विशेषता है?
उत्तर:
भैरवी घाट का राग बहुत मधुर और भावपूर्ण होता है।
इस राग को प्रायः सुबह के समय गाया या बजाया जाता है। इसमें करुणा और शांति का भाव होता है, जिससे सुनने वालों के मन में शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
5. दुष्यंत कुमार जी की (ग़ज़ल) किस संग्रह से ली गई है?
उत्तर:
दुष्यंत कुमार जी की ग़ज़ल ‘साये में धूप’ नामक ग़ज़ल संग्रह से ली गई है। यह संग्रह उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है।
6. चंपा किस ग्रह पर बसर करने की बात कहती है?
उत्तर:
चंपा चाँद (चंद्रमा) पर बसर करने की बात कहती है। वह कल्पना करती है कि यदि वह चाँद पर रहे तो उसे वहाँ किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
7. किस काल से मनुष्य अपने विचार, वातावरण, रहन-सहन और भावों को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करना प्रारंभ किया?
उत्तर:
मनुष्य ने प्रागैतिहासिक काल (आदिम काल) से ही अपने विचार, वातावरण, रहन-सहन और भावों को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करना प्रारंभ किया। उस समय लोग गुफाओं की दीवारों पर चित्र बनाकर अपने जीवन और अनुभवों को दर्शाते थे।
8. “चंपा काले-काले अक्षर नहीं चिन्हती” शीर्षक कविता किस संग्रह में संकलित है?
उत्तर:
“चंपा काले-काले अक्षर नहीं चिन्हती” शीर्षक कविता त्रिलोचन की प्रसिद्ध कविता है। यह कविता उनके कविता संग्रह “धरती” में संकलित है। इस कविता में एक सरल और भोली लड़की चंपा का चित्रण किया गया है, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानती, फिर भी जीवन को अपने ढंग से समझती है। कवि ने चंपा के माध्यम से ग्रामीण जीवन की सादगी, निष्कपटता और प्राकृतिक भावनाओं को व्यक्त किया है। इस कविता में भाषा बहुत सरल और बोलचाल की है, जिससे पाठक आसानी से उसके भाव को समझ सकता है।
9. कविता को गद्य किस कवि ने कहा है?
उत्तर:
विलियम वर्ड्सवर्थ ने कविता को गद्य कहा है। उनका मत था कि कविता साधारण मनुष्य की भाषा में लिखी गई भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। वर्ड्सवर्थ के अनुसार कविता और गद्य में बहुत अधिक अंतर नहीं होता, बल्कि कविता गद्य का ही एक कलात्मक और भावपूर्ण रूप है। उन्होंने यह भी कहा कि कविता में जीवन की सच्ची भावनाओं और अनुभवों को सरल भाषा में व्यक्त किया जाना चाहिए। इस कारण उनकी कविताओं में प्रकृति, मानव जीवन और भावनाओं का सुंदर चित्रण मिलता है।
10. अजंता गुफाओं के शिल्प में लाल पत्थर के क्या गुण होते हैं? (लगभग 150 शब्द)
उत्तर:
अजंता गुफाओं के शिल्प और चित्रों में लाल पत्थर का विशेष महत्व है। लाल पत्थर मजबूत, टिकाऊ और आसानी से तराशा जाने वाला होता है। इसी कारण प्राचीन शिल्पकारों ने इसका उपयोग गुफाओं के निर्माण और सजावट में किया। लाल पत्थर की सतह चिकनी होती है, जिससे उस पर चित्र बनाना और नक्काशी करना सरल होता है। यह पत्थर लंबे समय तक खराब नहीं होता, इसलिए उस पर बने चित्र और शिल्प आज भी सुरक्षित दिखाई देते हैं।
इसके अलावा लाल पत्थर का रंग आकर्षक होता है, जिससे गुफाओं की सुंदरता बढ़ जाती है। जब उस पर प्राकृतिक रंगों से चित्र बनाए जाते हैं तो वे और भी प्रभावशाली लगते हैं। इसी कारण अजंता की गुफाओं में बने चित्र आज भी कला और संस्कृति के अद्भुत उदाहरण माने जाते हैं। ये चित्र प्राचीन भारत की कला, धर्म और जीवन शैली की जानकारी भी देते हैं।
11. अजंता की दीवारों पर बुद्ध जीवन को किस कला के द्वारा बनाया गया है?
उत्तर:
अजंता की दीवारों पर बुद्ध के जीवन से संबंधित घटनाओं को भित्ति चित्रकला (म्यूरल आर्ट) के द्वारा बनाया गया है। इन चित्रों में भगवान बुद्ध के जीवन, जातक कथाओं और बौद्ध धर्म के प्रसंगों को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया गया है।
12. भैरवी राग की क्या विशेषता है?
उत्तर:
भैरवी राग की मुख्य विशेषता यह है कि यह बहुत मधुर, शांत और भावपूर्ण होता है। इसे प्रायः सुबह के समय गाया या बजाया जाता है। इसमें करुणा और शांति का भाव होता है, जिससे सुनने वालों के मन में शांति और आनंद उत्पन्न होता है।
13. दुष्यंत कुमार जी की ग़ज़ल किस संग्रह से ली गई है?
उत्तर:
दुष्यंत कुमार जी की ग़ज़ल “साये में धूप” नामक ग़ज़ल संग्रह से ली गई है। यह उनका प्रसिद्ध ग़ज़ल संग्रह है।
14. किस काल से मनुष्य अपने विचार, भावनाएँ और सहज अनुभूति को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करना प्रारम्भ किया?
उत्तर:
मनुष्य ने प्रागैतिहासिक काल (आदिम काल) से ही अपने विचार, भावनाएँ और अनुभवों को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करना प्रारम्भ किया। उस समय लोग गुफाओं की दीवारों पर चित्र बनाते थे।
15. किसी बड़े अफसर के साथ रहने वाले रक्षक चपरासी को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
किसी बड़े अफसर के साथ रहने वाले रक्षक चपरासी को अर्दली कहा जाता है।
16. ‘पाथेर पांचाली’ फिल्म के अनुभव किस संस्मरण से संबंधित हैं?
उत्तर:
‘पाथेर पांचाली’ फिल्म के अनुभव “भैरवी घाट का राग” नामक संस्मरण से संबंधित हैं।
17. चंपा ने ऐसा क्या कहा कि कोलकाता पर बाज़ार गिरने लगे?
उत्तर:
चंपा ने कहा कि कोलकाता के बाज़ार पर बादल गिरते हैं। यह उसकी कल्पनाशीलता और भोलेपन को दर्शाता है। उसके इस कथन से उसकी सरल और निष्कपट सोच प्रकट होती है।
18. ‘घर की याद’ कविता में पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?
उत्तर:
‘घर की याद’ कविता में पिता के व्यक्तित्व को मेहनती, अनुशासित, जिम्मेदार और स्नेही रूप में दिखाया गया है। वे परिवार की देखभाल करने वाले और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रूप में चित्रित किए गए हैं।
19. ‘वे आँखें’ और ‘ताजमहल’ किस दौर की कविता हैं?
उत्तर:
‘वे आँखें’ और ‘ताजमहल’ छायावाद काल की कविताएँ हैं।
20. पथिक का मन क्या विचरण करना चाहता है?
उत्तर:
पथिक का मन प्रकृति की सुंदरता में स्वतंत्र रूप से घूमना और आनंद लेना चाहता है। वह पहाड़ों, नदियों, जंगलों और प्राकृतिक वातावरण में विचरण करना चाहता है।
21. कला और भाषा के अंतर्संबंध पर आपके क्या विचार हैं?
उत्तर:
कला और भाषा का गहरा संबंध है। भाषा के माध्यम से कलाकार अपने विचार, भावनाएँ और अनुभव व्यक्त करता है। कला में चित्र, संगीत, नृत्य आदि के साथ भाषा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भाषा कला को स्पष्ट और प्रभावशाली बनाती है। इसलिए कहा जा सकता है कि कला और भाषा एक-दूसरे की पूरक हैं।
22. किवाड़ पेंटिंग के विषय में लिखिए।
उत्तर:
किवाड़ पेंटिंग एक पारंपरिक चित्रकला है, जिसमें दरवाज़ों (किवाड़ों) पर सुंदर चित्र बनाए जाते हैं। यह कला प्राचीन समय से चली आ रही है। इसमें धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विषयों को चित्रों के रूप में दर्शाया जाता है। किवाड़ पेंटिंग घरों और मंदिरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए बनाई जाती है। इसमें चमकीले रंगों और सुंदर आकृतियों का उपयोग किया जाता है। यह भारतीय लोक कला का महत्वपूर्ण उदाहरण है।