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Class 9 Hindi Question Paper Solution 2026 | CG Board Full Solution (खंड क, ख, ग)

इस पोस्ट में कक्षा 10वीं हिंदी प्रश्नपत्र 2026 (CG Board) के सभी प्रश्नों के सरल और विस्तृत उत्तर दिए गए हैं।

 खण्ड (क)

प्र. 1 निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

संसार में मनुष्यों की अनेक श्रेणियाँ हैं। उन सभी श्रेणियों को दो वर्गों में रखा जा सकता है। इनमें से सज्जनों की संगति सुसंगति कहलाती है। सज्जन लोगों में विद्या, दया, उपकार की भावना, नम्रता, सुशीलता, प्रेम आदि उत्तम गुण पाये जाते हैं। ऐसे लोगों की संगति में रहने से ऐसे ही गुणों का उदय होता है। परन्तु दुष्ट लोग दुर्व्यसनों में फंसे होते हैं। इनकी संगति से जुआ-खेलना, शराब-पीना, व्यभिचार-करना, दीन-दुखियों को पीड़ित करना, धोखा देना, झूठ बोलना, गालियाँ देना इत्यादि दुर्गुणों का उदय होता है और शिष्ट समाज में ऐसे 'लोगों' की कदापि मान-प्रतिष्ठा नहीं होती। जीवन दुर्गुणों के जाल में ऐसे उलझ जाता है कि चाहते हुए भी उन से पिण्ड नहीं छूट सकता।

प्र. 1 (क) गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए।

उत्तर: सुसंगति और दुर्संगति का प्रभाव


प्र. 1 (ख) संसार में मनुष्य की कितनी श्रेणियाँ हैं?

उत्तर: संसार में मनुष्यों की अनेक श्रेणियाँ हैं, परंतु उन्हें मुख्य रूप से दो वर्गों (सज्जन और दुर्जन) में रखा गया है।


प्र. 1 (ग) सज्जनों की संगति में किन-किन गुणों की प्राप्ति होती है?

उत्तर: सज्जनों की संगति में विद्या, दया, उपकार की भावना, नम्रता, सुशीलता और प्रेम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है।


प्र. 1 (घ) दुर्जन किसके शिकार होते हैं? इनकी संगति का क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: दुर्जन लोग दुर्व्यसनों के शिकार होते हैं। उनकी संगति से जुआ खेलना, शराब पीना, झूठ बोलना, धोखा देना, गालियाँ देना आदि दुर्गुण उत्पन्न हो जाते हैं और समाज में मान-प्रतिष्ठा नहीं मिलती।


प्र. 1 (ङ) सुसंगति किसे कहा गया है?

उत्तर: सज्जन लोगों की संगति को सुसंगति कहा गया है।

प्र. 2 निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

यह धरती कितना देती है! धरती माता कितना देती है अपने प्यारे पुत्रों को! नहीं समझ पाया था, मैं इसके महत्व को बचपन में ही स्वार्थ लोभवश पैसे बोकर! रत्न प्रसविनी है वसुधा, अब समझ सका हूँ, इसमें सच्ची समता के दाने बोने हैं, इसमें जन की क्षमता के दाने बोने हैं, इसमें मानव ममता के दाने बोने हैं, जिसमें उगल सके फिर धूल सुनहली फसलें मानवता की जीवन श्रम से हँसे दिशाएँ हम जैसा बोयेंगे वैसा ही पायेंगे।

प्र. 2 (1) ‘यह धरती कितना देती है’ — इसका आशय क्या है?

उत्तर: इसका आशय है कि धरती माता मनुष्यों को अन्न, जल, खनिज आदि अनेकों प्रकार की वस्तुएँ देकर उनका पालन-पोषण करती है।


प्र. 2 (2) धरती माता की उदारता को कवि क्यों नहीं समझ सका था?

उत्तर: कवि बचपन में स्वार्थ और लोभ के कारण धरती माता की उदारता और महत्व को नहीं समझ सका था।


प्र. 2 (3) धरती कैसी है?

उत्तर: धरती रत्न प्रसविनी (बहुमूल्य वस्तुएँ उत्पन्न करने वाली), उदार और पालन-पोषण करने वाली है।


प्र. 2 (4) ‘हम जैसा बोयेंगे वैसा पायेंगे’ का अर्थ क्या है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त करता है। अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल और बुरे कर्म करने पर बुरा फल मिलता है।

खण्ड (ख)\

प्र. 3 डायरी लेखन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:
डायरी लेखन वह लेखन है जिसमें व्यक्ति अपने दैनिक जीवन की घटनाएँ, अनुभव, विचार और भावनाएँ तिथि के अनुसार लिखता है। यह व्यक्तिगत और आत्मीय होता है।


अथवा

कहानी और नाटक में अंतर बताइये।

उत्तर:

  • कहानी गद्य रूप में लिखी जाती है, जबकि नाटक संवाद और मंचन के लिए लिखा जाता है।
  • कहानी पढ़ी जाती है, जबकि नाटक मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
  • कहानी में वर्णन अधिक होता है, नाटक में संवाद अधिक होते हैं।

प्र. 4 ‘बस्ते का बढ़ता बोझ’ पर विचार लिखिए।

उत्तर:
आज के समय में विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ बहुत बढ़ गया है। भारी बस्ते के कारण बच्चों को शारीरिक और मानसिक समस्याएँ होती हैं। उन्हें कम उम्र में ही पीठ दर्द और थकान होने लगती है। शिक्षा को सरल और रोचक बनाने के लिए बस्ते का बोझ कम करना आवश्यक है। स्कूलों को कम किताबें और अधिक व्यावहारिक शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।


अथवा

नक्सलवाद की समस्या पर अभिलेख लिखिए।

उत्तर:
नक्सलवाद भारत की एक गंभीर समस्या है। यह हिंसा और अशांति को बढ़ावा देता है। नक्सलवादी गरीब और आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार को विकास कार्यों, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए ताकि लोग इस मार्ग से दूर रहें।


प्र. 5 (1) जनसंचार से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: जनसंचार वह माध्यम है जिसके द्वारा सूचना, समाचार और विचार बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचाए जाते हैं।


प्र. 5 (2) समाचार लेखन के कितने अंग होते हैं?

उत्तर: समाचार लेखन के छह अंग होते हैं— क्या, कब, कहाँ, क्यों, कैसे और कौन।


प्र. 5 (3) वॉचडॉग पत्रकारिता क्या है?

उत्तर: वॉचडॉग पत्रकारिता वह है जिसमें पत्रकार सरकार और समाज के कार्यों पर नजर रखकर गलत कार्यों को उजागर करते हैं।


प्र. 5 (4) बीट से क्या आशय है?

उत्तर: बीट से आशय पत्रकार के उस विशेष क्षेत्र से है, जिस पर वह नियमित रूप से समाचार एकत्र करता है, जैसे— राजनीति, खेल, शिक्षा आदि।

प्र. 6 बिलासपुर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे अपने मोहल्ले की सफाई करने का अनुरोध कीजिए।

उत्तर:

प्रेषक:
शिव नगर, वार्ड क्रमांक–10
पोस्ट–बिलासपुर
जिला–बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
दिनांक: 31 मार्च 2026

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी महोदय
नगर निगम, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

विषय: मोहल्ले में नियमित सफाई व्यवस्था कराने हेतु निवेदन।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं शिव नगर, वार्ड क्रमांक–10 का निवासी हूँ। हमारे मोहल्ले में पिछले कई दिनों से सफाई कार्य ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है। सड़कों, नालियों एवं गलियों में कचरा जमा हो गया है। नालियाँ जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे अत्यधिक दुर्गंध फैल रही है।

इस गंदगी के कारण मच्छरों और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएँ इस समस्या से विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

हमारे मोहल्ले के निवासियों ने कई बार सफाई कर्मचारियों से निवेदन किया, परंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यह समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक बन चुकी है।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमारे क्षेत्र में शीघ्र ही नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही नालियों की सफाई, कचरे के नियमित उठाव तथा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए, ताकि इस समस्या से जल्द राहत मिल सके।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमारी इस समस्या पर शीघ्र ध्यान देंगे और उचित कार्यवाही करेंगे।

धन्यवाद।

भवदीय
(आपका नाम)
निवासी – शिव नगर, बिलासपुर

प्र. 6 बिलासपुर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।

उत्तर:

प्रेषक:
शिव नगर, वार्ड क्रमांक 10
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी
नगर निगम, बिलासपुर

विषय: मोहल्ले की सफाई हेतु अनुरोध

महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे मोहल्ले में कई दिनों से सफाई नहीं हो रही है। सड़कों पर कचरा जमा हो गया है जिससे दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

अतः आपसे निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में नियमित सफाई की व्यवस्था कराने की कृपा करें।

धन्यवाद।

भवदीय
(आपका नाम)


प्र. 7 खेल सामान उपलब्ध कराने हेतु अपने शाला के प्राचार्य को आवेदन पत्र लिखिए।

उत्तर:

प्रेषक:
कक्षा–10वीं ‘A’
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
दिनांक: 31 मार्च 2026

सेवा में,
श्रीमान प्राचार्य महोदय
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

विषय: खेल सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम आपके विद्यालय के कक्षा 10वीं के छात्र हैं। हमारे विद्यालय में खेलकूद की सुविधाएँ पर्याप्त नहीं हैं। खेल सामग्री जैसे—क्रिकेट बैट, गेंद, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन रैकेट आदि की कमी है, जिसके कारण विद्यार्थियों को खेल अभ्यास में कठिनाई होती है।

खेलकूद विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। विद्यालय में समय-समय पर खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं, परंतु सामग्री के अभाव में विद्यार्थी पूर्ण रूप से भाग नहीं ले पाते।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमारे विद्यालय में आवश्यक खेल सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराने की कृपा करें, ताकि हम सभी विद्यार्थी खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें और विद्यालय का नाम रोशन कर सकें।

धन्यवाद।

भवदीय
(आपका नाम)
कक्षा 10वीं ‘A’


खण्ड ‘ग’


प्र. 8 (1) कवि सावन से क्या प्रार्थना करता है?

उत्तर: कवि सावन से प्रार्थना करता है कि वह खूब वर्षा करे ताकि धरती हरी-भरी हो जाए और किसी को वर्षा के लिए तरसना न पड़े।


प्र. 8 (2) कवि ने पंक्ति में ‘पाँचवे’ किसको कहा है?

उत्तर: ‘पाँचवे’ से आशय उन लोगों से है जो वर्षा के अभाव में पीड़ित होते हैं, अर्थात गरीब और जरूरतमंद लोग।


प्र. 9 निम्न काव्यांशों को पढ़कर उनके प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 
कहाँ तो तय था चिरागाँ हरेक घर के लिए, कहाँ चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिए। यहाँ दरख्तों के साये में धूप लगती है, चलो यहाँ से चलें और उम्र भर के लिए।

प्र. 9 (1) काव्यांश का भाव सौन्दर्य अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: इस काव्यांश में कवि समाज की असमानता और विडंबना को दर्शाता है। जहाँ हर घर में उजाला होने का वादा था, वहीं अब पूरे शहर में भी रोशनी नहीं है। यह व्यवस्था की असफलता और निराशा को व्यक्त करता है।


प्र. 9 (2) काव्यांश का शिल्प सौन्दर्य लिखिए।

उत्तर: इस काव्यांश में सरल भाषा, तुकांत शैली और प्रतीकों का सुंदर प्रयोग किया गया है। ‘चिराग’ और ‘धूप’ जैसे शब्दों के माध्यम से गहरे अर्थ प्रकट किए गए हैं।


प्र. 10 (1) कबीर ने ऐसा क्यों कहा कि संसार बौरा गया है?

उत्तर: कबीर ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि लोग सच्चाई और ज्ञान को छोड़कर अंधविश्वास, दिखावा और झूठे आडंबर में फँस गए हैं।


प्र. 10 (2) चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकत्ता पर बजर गिरे?

उत्तर: चंपा ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह कलकत्ता जाने को पसंद नहीं करती थी और उससे उसे अलग होने का दुख था।


प्र. 10 (3) अक्क महादेवी ईश्वर से भीख मँगवाने की प्रार्थना क्यों करती है?

उत्तर: अक्क महादेवी ईश्वर से भीख मँगवाने की प्रार्थना इसलिए करती है ताकि वह संसारिक मोह-माया से दूर रहकर केवल ईश्वर भक्ति में लीन रह सके।

प्र. 10 (1) कबीर ने ऐसा क्यों कहा कि संसार बौरा गया है?

उत्तर:
संत कबीर ने संसार को ‘बौरा’ (पागल) इसलिए कहा है क्योंकि लोग सच्चे ज्ञान और भक्ति के मार्ग को छोड़कर अंधविश्वास, आडंबर और बाहरी दिखावे में उलझ गए हैं। वे ईश्वर को पाने के लिए मंदिर, मस्जिद, तीर्थ आदि बाहरी साधनों में भटकते हैं, जबकि सच्चा ईश्वर उनके भीतर ही विद्यमान है।

कबीर के अनुसार लोग जाति-पांति, ऊँच-नीच और कर्मकांडों में फँसकर अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य भूल गए हैं। वे सच्चाई को छोड़कर झूठी मान्यताओं का अनुसरण करते हैं। यही कारण है कि कबीर को यह संसार विवेकहीन और पागल प्रतीत होता है।


प्र. 10 (2) चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकत्ता पर बजर गिरे?

उत्तर:
चंपा एक सरल, भोली और भावुक स्वभाव की लड़की है। वह अपने प्रियजन से बहुत लगाव रखती है और उससे अलग होना नहीं चाहती। जब उसे यह पता चलता है कि उसका प्रिय व्यक्ति कलकत्ता जाने वाला है, तो वह अत्यंत दुखी हो जाती है।

अपने इसी दुख और विरह की भावना में वह कहती है कि ‘कलकत्ता पर बजर गिरे’। यह उसके मन की पीड़ा और आक्रोश को व्यक्त करता है। वास्तव में वह कलकत्ता को दोष देती है, क्योंकि उसके कारण उसका प्रिय उससे दूर जा रहा है। यह कथन उसके गहरे प्रेम और भावनात्मक लगाव को दर्शाता है।


प्र. 10 (3) अक्क महादेवी ईश्वर से भीख मँगवाने की प्रार्थना क्यों करती है?

उत्तर:
अक्क महादेवी एक महान भक्त थीं, जो ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और वैराग्य की भावना रखती थीं। वे संसारिक सुख-सुविधाओं, धन-दौलत और भौतिक वस्तुओं को महत्व नहीं देती थीं।

ईश्वर से भीख मँगवाने की प्रार्थना करने का उनका उद्देश्य यह था कि वे अहंकार, मोह-माया और भौतिक इच्छाओं से पूरी तरह मुक्त रह सकें। भीख माँगने से व्यक्ति में विनम्रता आती है और वह दूसरों पर निर्भर होकर अहंकार त्याग देता है।

इस प्रकार अक्क महादेवी का यह भाव उनके त्याग, सादगी और ईश्वर भक्ति की पराकाष्ठा को प्रकट करता है। वे केवल ईश्वर के प्रेम में लीन रहना चाहती थीं और सांसारिक बंधनों से दूर रहकर आध्यात्मिक जीवन जीना चाहती थीं।


प्र. 11 निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए- 

पंडित अलोपीदीन का लक्ष्मी जी पर अखण्ड विश्वास था। वह यह कहा करते थे कि संसार का तो कहना ही क्या, स्वर्ग में भी लक्ष्मी का राज है। उनका वह कहना यथार्थ ही था। न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं, इन्हें वह जैसे चाहती है, नचाती है। लेटे ही लेटे गर्व से बोले-चलो, हम आते हैं।

(3)

प्र. 11 (1) लक्ष्मी जी के बारे में पंडित जी का क्या विश्वास था?

उत्तर: पंडित अलोपीदीन का विश्वास था कि लक्ष्मी जी का शासन हर जगह है, यहाँ तक कि स्वर्ग में भी उन्हीं का राज चलता है।


प्र. 11 (2) पंडित अलोपीदीन ने किस आधार पर कहा कि न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं?

उत्तर: पंडित अलोपीदीन ने यह बात अपने अनुभव के आधार पर कही कि धन के प्रभाव से न्याय और नीति को भी प्रभावित किया जा सकता है, इसलिए वे उन्हें लक्ष्मी के खिलौने मानते थे।

प्र. 12 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये-

(1) लॉर्ड कर्जन की क्या इच्छा थी? उसका क्या परिणाम हुआ?

उत्तर:
लॉर्ड कर्जन भारत में ब्रिटिश शासन को मजबूत करना चाहता था। उसकी प्रमुख इच्छा बंगाल का विभाजन करके भारतीयों की एकता को कमजोर करना थी। वह ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर काम कर रहा था।

1905 में उसने बंगाल का विभाजन कर दिया, जिससे हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भेदभाव बढ़ाने का प्रयास किया गया।

परंतु इसका परिणाम उसके विपरीत हुआ। इस निर्णय से पूरे देश में भारी विरोध हुआ और स्वदेशी आंदोलन शुरू हो गया। लोगों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक मजबूत हो गई।


(2) रजनी के चरित्र की विशेषताएँ लिखिये।

उत्तर:
रजनी एक संवेदनशील, साहसी और आत्मसम्मान से भरपूर चरित्र है।

  • वह कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस बनाए रखती है।
  • उसमें आत्मनिर्भर बनने की भावना है।
  • वह दूसरों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती है।
  • रजनी में सच्चाई, ईमानदारी और दृढ़ निश्चय के गुण हैं।
    इस प्रकार रजनी का चरित्र प्रेरणादायक और आदर्श है।

(3) ‘नमक का दारोगा’ किस विधा का प्रतिनिधित्व करती है? इसके लेखक का नाम लिखिये।

उत्तर:
‘नमक का दारोगा’ कहानी (गद्य विधा) का प्रतिनिधित्व करती है।
इसके लेखक प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद हैं।


(4) ‘पथेर पांचाली’ फिल्म की शूटिंग का काम ढाई साल तक क्यों चला?

उत्तर:
‘पथेर पांचाली’ फिल्म की शूटिंग ढाई साल तक इसलिए चली क्योंकि इसके निर्देशक सत्यजीत रे के पास धन की कमी थी। वे आर्थिक कठिनाइयों के कारण लगातार शूटिंग नहीं कर पा रहे थे।

इसके अलावा फिल्म में वास्तविक स्थानों और प्राकृतिक दृश्यों का उपयोग किया गया, जिससे समय अधिक लगा। कई बार काम बीच में रुक गया और बाद में फिर शुरू किया गया। इसी कारण फिल्म को पूरा होने में अधिक समय लगा।


प्र. 13 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए

प्र.1 पर्याय लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिये-

(1) खुशकिस्मती
पर्याय: सौभाग्य, भाग्य, किस्मत
वाक्य: मेरा सौभाग्य है कि मुझे अच्छे शिक्षक मिले।

(2) दृश्य
पर्याय: नज़ारा, दृश्यावली, परिदृश्य
वाक्य: पहाड़ों का सुंदर नज़ारा मन को मोह लेता है।


प्र.2 शब्दों को वाक्यों में प्रयोग कीजिये

चौकन्नी:
सैनिक सीमा पर हर समय चौकन्नी रहता है।

कड़ा-गाँठा:
वह एक कड़ा-गाँठा युवक है, जो हर कठिनाई का सामना कर सकता है।


प्र.3 संज्ञा के विशेषण रूप लिखिये

  • सरकार → सरकारी
  • पुराण → पौराणिक
  • भारत → भारतीय
  • देहात → देहाती

प्र.4 ‘जब के आला तब के लबेड़ा’ कहावत का अर्थ और वाक्य

अर्थ: समय के अनुसार व्यवहार बदलना।
वाक्य: वह हमेशा परिस्थिति के अनुसार काम करता है, सच में “जब के आला तब के लबेड़ा”।


प्र. 14 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये-

(1) गुरु घासीदास जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उत्तर:
गुरु घासीदास जी का जन्म 18 दिसंबर 1756 को छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी (बलौदाबाजार) में हुआ था।


(2) नाचा कला किसे कहते हैं?

उत्तर:
नाचा छत्तीसगढ़ की एक प्रसिद्ध लोकनाट्य कला है, जिसमें नृत्य, संगीत और अभिनय का समन्वय होता है। इसमें सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया जाता है।


(3) ‘भारतमाता’ पाठ के लेखक कौन हैं? इसकी मूलभाषा क्या है?

उत्तर:
‘भारतमाता’ पाठ के लेखक जवाहरलाल नेहरू हैं।
इसकी मूल भाषा अंग्रेज़ी है।


प्र. 15 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये-

(1) कुमार गंधर्व ने लता मंगेशकर को बेजोड़ गायिका क्यों माना है?

उत्तर:
कुमार गंधर्व ने लता मंगेशकर को बेजोड़ गायिका इसलिए माना क्योंकि उनकी आवाज़ अत्यंत मधुर, स्पष्ट और भावपूर्ण है। वे हर प्रकार के गीत—भजन, ग़ज़ल, फिल्मी गीत आदि—को बड़ी कुशलता से गा सकती हैं।

उनकी सुर और ताल पर पकड़ बहुत मजबूत है। वे गीत के भाव को पूरी संवेदना के साथ प्रस्तुत करती हैं, जिससे श्रोता भावविभोर हो जाते हैं। उनकी गायकी में शुद्धता, मधुरता और गहराई का अद्भुत संगम है, इसलिए उन्हें बेजोड़ कहा गया है।


अथवा

राजस्थान में कुंई किसे कहते हैं? गहराई और व्यास में अंतर बताइये।

उत्तर:
राजस्थान में ‘कुंई’ छोटे और संकरे कुओं को कहा जाता है, जो पानी संग्रह के लिए बनाए जाते हैं।

  • कुंई की गहराई अधिक होती है, लेकिन व्यास बहुत कम होता है।
  • सामान्य कुएँ का व्यास अधिक होता है, पर गहराई अपेक्षाकृत कम होती है।

(2) बेबी की जिंदगी में तातुश का परिवार न आया होता तो उसका जीवन कैसा होता?

उत्तर:
यदि बेबी की जिंदगी में तातुश का परिवार न आया होता, तो उसका जीवन बहुत कठिन और संघर्षपूर्ण होता। वह शिक्षा और अच्छे संस्कारों से वंचित रह जाती।

तातुश के परिवार ने उसे सहारा दिया, शिक्षा दी और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। उनके बिना बेबी का जीवन अंधकारमय और सीमित संभावनाओं वाला हो सकता था।


अथवा

आदिवासी को जंगल से गहरा लगाव क्यों होता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
आदिवासियों का जीवन जंगल पर निर्भर होता है। उन्हें भोजन, लकड़ी, औषधि और जीवन यापन की अन्य आवश्यक वस्तुएँ जंगल से ही प्राप्त होती हैं।

जंगल उनके लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, परंपरा और आस्था का केंद्र भी है। उदाहरण के लिए, वे पेड़ों और प्रकृति की पूजा करते हैं और उसे अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं।

इस प्रकार जंगल से उनका संबंध भावनात्मक, सांस्कृतिक और जीवनोपयोगी तीनों रूपों में गहरा होता है।


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